BREAST CANCER: स्तन की गांठ को नज़रअंदाज़ न करें
स्वयं स्तन की जांच करने की आदत भारतीय ग्रामीण महिलाओं में नहीं बन पाई है, वहां काम करने की अभी बहुत ज़रूरत है। अभी तो वह किसी शहर के रिश्तेदार या पढ़ी-लिखी महिला के संपर्क में हों तो और बात है, पर अमूमन काफी कहानियां सुनने के बाद हमने यह निष्कर्ष निकाला है कि महिलाएं आज भी अपने स्तन में होने वाली गांठ के प्रति जागरूक नहीं होती हैं; क्योंकि उनका तर्क होता है कि गांठ थी तो, पर दुखती तो थी नहीं, तो क्या समस्या है? दुखती तो ध्यान आकर्षित होता, नहीं तो क्या?
90% कैंसर की गांठों में दर्द नहीं होता। मरीज को बीमारी फैल गई होती है और जड़ ढूंढने के लिए जांच करके देखो तो महिला बताती है कि यह तो बहुत दिनों से थी। मतलब उसे पता था कि गांठ थी, पर कोई तकलीफ नहीं थी; किसी प्रकार की छेड़छाड़ या जांच का विरोध भी करती हैं।
Painless lump in breast is alarming and should be told to a doctor.
Excess caution/panic is also dangerous, learn to be alert and aware.
स्तन की गांठें दो प्रकार की होती हैं।
ज़्यादा जागरूक महिलाएं कोई भी छोटी से छोटी गांठ को भी डॉक्टर के पास दिखाने ले जाती हैं।
याद रखें: स्तन में दर्द-रहित गांठ (Painless lump) अधिक चिंताजनक हो सकती है और इसे तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
फाइब्रोएडीनोमा (Fibroadenoma)
फाइब्रोएडीनोमा हिलती-डुलती गांठें होती हैं, जो दर्द नहीं करतीं या फिर खिंचाव पैदा करती हैं और महीने के चक्र (मासिक धर्म) के साथ घट-बढ़ सकती हैं।
(Lump is regular, mobile and well-defined)
एक और स्थिति (Situation) में बहुत दर्द होता है, जलन-जलन सी महसूस होती है पर गांठ नहीं होती और मरीज बहुत तकलीफ में होता है।
(Fibroadenoma is usually painless, but sometimes breast pain/mastalgia can be very painful without a lump)
स्तन कैंसर (Breast Cancer)
स्तन कैंसर की टिपिकल (Typical) गांठ तेजी से बढ़ती है। यह आमतौर पर अनियमित और अस्पष्ट सीमाओं वाली होती है (Irregular, poorly defined margins), जबकि बिना कैंसर वाली गांठों की सीमाएं स्पष्ट हो सकती हैं।
विवरण:
गांठ: सख्त (Hard) - चट्टान या पत्थर की तरह।
आकार व जुड़ाव: अनियमित आकार। गहराई में गांठ स्तन की अंदरूनी कोशिकाओं से चिपकी हो सकती है या त्वचा से जुड़ी (Fixed) हो सकती है।
चमड़ी (त्वचा): मोटी, सख्त, संतरे के छिलके की तरह (Peau d'orange), उसमें गड्ढा पड़ सकता है या वह फटकर ज़ख्म भी बन सकती है।
दर्द: प्रायः कम या न के बराबर ही होता है।
बगल में गांठें: बगल (Underarm/Armpit) में दोनों तरफ या किसी एक तरफ गांठें हो सकती हैं।
स्तनाग्र (Nipple): एक तरफ खिंचाव या अंदर की ओर धंसाव हो सकता है, पपड़ी जम सकती है, आसपास लालिमा हो सकती है, या उसमें से पानी या मटमैला/खूनी स्राव निकल सकता है।
इस तरह की कोई भी गांठ मिलने पर तुरंत किसी डॉक्टर, महिला चिकित्सक या कैंसर रोग विशेषज्ञ (Oncologist) से सलाह लें।
याद रखें: हमारे शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को हम ही सबसे पहले नोटिस करते हैं। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर जांच से हम बेहतर इलाज करवा सकते हैं।
याद रखें: हमारे शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को हम ही सबसे पहले नोटिस करते हैं। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर जांच से हम बेहतर इलाज करवा सकते हैं।
क्या करें?
स्तन में किसी भी प्रकार की नई गांठ या त्वचा में बदलाव दिखने पर तुरंत किसी अनुभवी महिला चिकित्सक, सामान्य शल्य चिकित्सक (Surgeon) या कैंसर रोग विशेषज्ञ (Oncologist) से परामर्श लें।
याद रखें, अपने शरीर में होने वाले किसी भी बदलाव को सबसे पहले हम खुद ही महसूस कर सकते हैं। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर की गई जांच से स्तन कैंसर का सफल इलाज संभव है।
समय: सोमवार से शनिवार | शाम 5:30 बजे से रात 8:00 बजे तक
पता: 6, 25, 26, 27, वसुंधरा कॉम्प्लेक्स, ईज़ी डे के पीछे, मुंशी पुलिया चौराहा, इंदिरा नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश 226016
फोन नंबर: +91 9198948112 / +91 6388663844 / +91 9415467844 | ईमेल: ntandon05@gmail.com